Take a tour of the 'Taj of Alwar'

अरावली पर्वतमाला से घिरा खूबसूरत अलवर शहर अपने समृद्ध इतिहास की कहानी कहता है

इस शहर को महाराजा प्रताप सिंह ने सन् 1775 में मुगल बादशाह के नियंत्रण से आजाद कराया था

अलवर का बाला किला यहां का ताज कहा जाता है

यहां आने वाले सैलानी इस किले में घूमना सबसे ज्यादा पसंद करते हैं

अलवर का यह प्राचीन किला बाबर के समय से भी पहले का बना हुआ है

इस ऐतिहासिक किले में बाबर और जहांगीर ने अपने जीवन के कुछ अनमोल पल बिताएं हैं

यह किला अरावली पहाड़ी पर लगभग 304 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है

इसमें 15 बडे़ और 51 छोटे बुर्ज हैं

दरिंदगी पर आफताब को पछतावा नहीं, तलाशी के दौरान मुस्कुराता रहा

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